त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन:- राज्य निर्वाचन आयोग ने की त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन की घोषणा

3 चरणों में होगा निर्वाचन

बड़वानी। 27 मई राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन की घोषणा 27 मई को कर दी है, यह निर्वाचन तीन चरणों में होगा। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत / निर्वाचन क्षेत्र/वार्ड के क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है, जो निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथि तक प्रभावशील रहेगी ।

बड़वानी।जिले के विकासखण्ड सेंधवा, पानसेमल में प्रथम चरण में, विकासखण्ड ठीकरी, राजपुर, निवाली में द्वितीय चरण में एवं विकासखण्ड पाटी, बड़वानी में तृतीय चरण में निर्वाचन होगा । आयोग द्वारा घोषित निर्वाचन कार्यक्रम:- आयोग द्वारा घोषित निर्वाचन कार्यक्रम अनुसार तीनों चरणों के निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन एवं मतदान केन्द्रो की सूची का प्रकाशन 30 मई को प्रातः 10.30 बजे किया जायेगा। निर्वाचन के सूचना के प्रकाशन के साथ ही नाम निर्देशन फार्म लेने का कार्य प्रारंभ हो जायेगा। नाम – निर्देशन फार्म प्राप्त करने की अंतिम तिथि 6 जून को अपरान्ह 3 बजे तक रहेगी। नाम-निर्देशन पत्रो की जांच 7 जून को प्रातः 10.30 बजे से की जायेगी, जबकि अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 10 जून को अपरान्ह 3 बजे तक रहेगी। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियो की सूची तथा प्रतीक चिन्हों का आवंटन, अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने के तुरन्त पश्चात किया जायेगा ।

मतदान प्रथम चरण में 25 जून को, द्वितीय चरण में 1 जुलाई को, तृतीय चरण में 8 जुलाई को प्रातः 7 से अपरान्ह 3 बजे तक होगा । मतदान केन्द्रो पर की जाने वाली मतगणना का कार्य मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात किया जायेगा, जबकि विकासखण्ड मुख्यालय पर की जाने वाली मतो की गणना प्रथम चरण में 28 जून को, द्वितीय चरण में 4 जुलाई को, तृतीय चरण में 11 जुलाई को प्रातः 8 बजे से किया जायेगा । पंच/सरपंच/जनपद पंचायत सदस्य पद की मतगणना का सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा तीनों चरणो की 14 जुलाई को प्रातः 10.30 बजे से की जायेगी।

जिला पंचायत सदस्य पद के लिये मतो का विकासखण्ड स्तरीय सारणीकरण 14 जुलाई को प्रातः 10.30 बजे से किया जायेगा । वहीं जिला पंचायत सदस्य के लिये मतों का जिला मुख्यालय पर सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा 15 जुलाई को प्रातः 10.30 बजे से की जायेगी । निर्वाचन की महत्वपूर्ण बाते:-

ऽ त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन हेतु मतदान 1 से लेकर 3 चरणों में सम्पन्न कराया जायेगा, किन्तु निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन से लेकर अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने तक की समस्त कार्यवाही सभी विकासखण्डो में एक साथ सम्पादित की जायेगी ।

ऽ त्रि-स्तरीय पंचायतो के समस्त पदों का निर्वाचन मतपत्र/मतपेटी से कराया जायेगा। ऽ चुनाव में मतदाता को इनमें से कोई नहीं (नोटा) का विकल्प दिया जायेगा । मतपत्र पर अंतिम अभ्यर्थी के पश्चात इनमें से कोई नहीं (नोटा) का ग प्रतीक चिन्ह भी दर्शाया जायेगा ।

ऽ पंच / सरपंच / जनपद पंचायत सदस्य / जिला पंचायत के सदस्य पद हेतु नाम – निर्देशन पत्र आयोग द्वारा तैयार नवीन नाम-निर्देशन पत्र प्रारूप – 4 में ही अभ्यर्थियों से प्राप्त किये जायेंगे । ऽ नाम – निर्देशन पत्र शनिवार को भी लिये जायेंगे । ऽ पंच पद के अभ्यर्थी को अपने नाम – निर्देशन पत्र के साथ आयोग द्वारा विहित प्रारूप में, एक घोषणा पत्र एवं उसके साथ घोषणा पत्र का सार तथा सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने नाम निर्देशन पत्र के साथ एक शपथ पत्र एवं शपथ-पत्र का सार प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।ऽ त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।ऽ त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी या उसकी उत्तरवर्ती कम्पनियों को दे समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।ऽ त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचन हेतु आरक्षित पद से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी से यह अपेक्षा रहेगी कि वह नाम निर्देशन पत्र के साथ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी शासन द्वारा निर्धारित विहित प्ररूप में जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करें। ऽ यदि अभ्यर्थी के पास नाम-निर्देशन पत्र भरते समय जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है तो अभ्यर्थी को इस वर्ग का सदस्य होने बाबत, जिसके लिये स्थान आरक्षित है, अपना जाति संबंधी शपथ-पत्र नाम निर्देशन पत्र की संवीक्षा प्रारम्भ होने के पूर्व रिटर्निंग आफिसर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। ऽ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न करने अथवा आरक्षित वर्ग का सदस्य होने बाबत् शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में अभ्यर्थी का नाम-निर्देशन पत्र निरस्त किया जायेगा।

त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन हेतु जारी आदर्श आचरण संहिता का हो पूरी तरह से पालन – जिला निर्वाचन अधिकारी वर्मा

बड़वानी । राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। घोषणा के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। अतः सभी अधिकारी, कर्मचारी इस आदर्श आचरण संहिता का पूरी तरह से पालन करेंगे, जिससे जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन को विधि सम्मत तरीके से सम्पन्न कराया जा सके ।

इसके लिये विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौपी गई है। अतः निर्धारित प्रक्रिया एवं समय सीमा में यह कार्य पूर्ण किया जाये, जिससे किसी पर कठौर कार्यवाही करने की आवश्यकता न रहे । कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा ने त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन की घोषण के साथ ली गई बैठक के दौरान उक्त निर्देश समस्त जिला अधिकारियों को दिये ।

इस दौरान उन्होने विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से भी खण्ड स्तरीय अधिकारियों को बताया कि निर्वाचन के मददेनजर विभिन्न अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं अन्य लोगो की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। अतः निर्वाचन के मददेनजर नियुक्त अधिकारी, कर्मचारी सर्वोच्च प्राथमिकता से निर्वाचन ड्यूटी का निर्वहन करें।

सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का दुरूपयोग होने पर धारा 188 के तहत होगी दण्डात्मक कार्यवाही

बड़वानी । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवराजसिंह वर्मा ने त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के मद्देनजर इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के दुरूपयोग को रोकने के लिए धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश 15 जुलाई 2022 तक लागू किये है। इस आदेश का उल्लंघन होने पर दोषी पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, सायबर विधि तथा अन्य अधिनियमों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

प्रतिबंधात्मक आदेश में उल्लेखित किया गया है किः- ऽ कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लटफार्माें जैसे व्हाट्स-अप, फेसबुक, हाईक, ट्वीटर, एसएमएस, इन्स्टाग्राम इत्यादि का दुरूपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिये किसी भी प्रकार के संदेशों के प्रसारण नही करेगा। ऽ कोई भी व्यक्ति उपरोक्त वर्णित सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, आडियो, वीडियो इत्यादि भी सम्मिलित है, जिसमें धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनायें भड़क सकती हैं या साम्प्रदायिक विद्वेष पैदा होता हो, को न ही प्रसारित करेगा या भेजेगा। ऽ सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, साम्प्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाईक, शेयर या फारवर्ड नही करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह गु्रप में इस प्रकार के संदेशों को रोकें।

ऽ कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा सामुदाय के मध्य घृणा, वेमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा हेतु फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नहीं करेगा और न ही इसके लिये प्रेरित करेगा। ऽ कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर भड़काने/उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष हिंसा या गैर कानूनी गतिविधियों में संलग्न हो जाये, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाईक, शेयर या फाॅरवर्ड करेगा तथा न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा।

ऽ कोई भी व्यक्ति/समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नही करेगा जिनसे किसी व्यक्ति/संगठन/समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने या उनके कोई विशेष कार्य या गैर कानूनी गतिविधियां करने हेतु आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।

राष्ट्रपति मध्य प्रदेश दौरे के दौरान भोपाल पहुंचे

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद के साथ आज तीन दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर भोपाल पहुंचे। विमानतल पर Governor MP मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने राष्ट्रपति श्री कोविंद की अगवानी की तथा पुष्प-गुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहुधातु प्रतिमा, शंकर संग्रहालय एवं आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना के लिये भूमि आवंटित

खंडवा। हरियाली अमावस्या से मांधाता पर्वत पर सघन वृक्षारोपण शुरू होगा। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहुधातु प्रतिमा, शंकर संग्रहालय एवं आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना की जा रही है।

आचार्य शंकर प्रतिमा तथा शंकर संग्रहालय हेतु मांधाता पर्वत पर लगभग 11.50 हेक्टेयर भूमि एवं आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान हेतु गोदड़पुरा पर्वत पर लगभग 22.10 हैक्टेयर भूमि संस्कृति विभाग को आवंटित है।

*व्यवस्थित पुनर्वास किया जायेगा*

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के प्रभारी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र मिश्रा ने बताया कि आचार्य शंकर संग्रहालय के लिये मांधाता पर्वत पर आवंटित परिसर में अस्थाई रूप से निवासरत लगभग 30 परिवारों को नगर परिषद ओंकारेश्वर द्वारा ओंकारेश्वर नगर में पुर्नवास के लिये आवास निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित की गई है। इस भूमि पर आवास निर्माण किये जाने हेतु प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में 2.50 लाख रूपये की राशि संस्कृति विभाग द्वारा नगर परिषद के माध्यम से प्रदान की जायेगी। *

*36 हेक्टेयर भूमि पर सघन वृक्षारोपण होगा*

आचार्य शंकर संग्रहालय परिसर में स्थित 06 मंदिरों – शिव मंदिर, सांई मंदिर, शनि मंदिर, राम मंदिर, नर्मदा मंदिर तथा निखिल आश्रम में स्थापित मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ विद्वान आचार्य के माध्यम से राजराजेश्वरी मंदिर में की जायेगी। इन मंदिरों के पुजारियों के लिये परिसर के बाहर अन्यत्र स्थान पर अस्थाई कुटिया उपलब्ध कराई जायेगी। आगामी 28 जून 2022 हरियाली अमावस्या से मांधाता पर्वत पर सघन वृक्षारोपण प्रारंभ किया जा रहा है। इस वृक्षारोपण में नीम, पीपल, वटवृक्ष, गुलमोहर, बेलपत्र, पलाश, करंज तथा कचनार आदि पौधे लगाये जायेंगे। लगाये जाने वाले पौधों की उंचाई 08 से 10 फीट की होगी ताकि वर्षाऋतु में ये पौधे जड़ पकड़ सकेंगे। डेढ वर्ष तक इन पौधों का प्रबंधन, पोषण व रखरखाव भी किया जायेगा।

मुख्यमंत्री जी के द्वारा पूर्व में घोषणा कि गई थी कि मांधाता पर्वत पर 25 हेक्टेयर भूमि में पौधा रोपण किया जायेगा। इस घोषणा के परिपालन में अब 25 हैक्टेयर के स्थान पर लगभग 36 हेक्टेयर भूमि में केवल सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिससे मांधाता पर्वत का परिवेश पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक रहेगा। पौधारोपण में ऐसे पौधों का उपयोग किया जायेगा जो मांधाता पर्वत को वर्ष भर हराभरा रखेंगे।

*नहीं होगी ब्लास्टिंग*

* मांधाता पर्वत पर शंकर संग्रहालय के निर्माण हेतु अभी तक न तो कोई ब्लास्टिंग की गई है और न ही की जायेगी। मांधाता पर्वत पर होटल, स्वीमिंग पूल एवं मॉल जैसी किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जाना है, इससे स्पष्ट है कि यहां भौतिक सुविधाओं का विस्तार नहीं किया जायेगा।

* मांधाता पर्वत पर शंकर संग्रहालय के निर्माण के दौरान यदि कोई मूर्तियाँ प्राप्त होती हैं तो उन मूर्तियों को शंकर संग्रहालय में यथोचित स्थान दिया जायेगा। यदि प्राप्त होने वाली मूर्तियाँ प्राचीन ऐतिहासिक महत्व की होंगी तो उन्हें पुरातत्व विभाग को संरक्षण हेतु सौंपा जायेगा।

* *किसी भी प्राचीन आश्रम का नहीं हो रहा है विस्थापन

किसी भी प्राचीन आश्रम एवं जनजातीय समाज का विस्थापन नहीं किया जा रहा है। प्राचीन पैदल परिक्रमा पथ यथावत रहेगा। इस परिक्रमा पथ में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा अपितु इस प्राचीन परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जायेगा। माँ नर्मदा का अविरल प्रवाह वर्ष भर यथावत रहेगा। परिक्रमा पथ को छायादार बनाते हुये मार्ग में परिक्रमावासियों के बैठने के लिये बेंच एवं पीने के पानी की व्यवस्था भी की जायेगी। जल परिक्रमा पथ भी निरंतर रहेगा। किसी भी प्रकार से दोनों मार्ग बाधित नहीं होंगे। परिक्रमा मार्ग में संचालित दुकानें, संग्रहालय परिसर से बाहर होने के कारण इन्हें मांधाता पर्वत से हटाने की कोई योजना नहीं है। शंकर संग्रहालय, आचार्य शंकर की प्रतिमा एवं आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदांत संस्थान की स्थापना हेतु ओंकारेश्वर नगर में से किसी भी निवासी अथवा दुकानदारों को नहीं हटाया जायेगा क्योंकि यह परियोजना ओंकारेश्वर नगर से पृथक स्थान पर प्रस्तावित है।

*निर्माण में होगा देशज सामग्री का उपयोग*

*मांधाता पर्वत पर आचार्य शंकर की प्रतिमा, शंकर संग्रहालय एवं आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना में भारतीय वास्तु एवं स्थापत्य को ध्यान में रखते हुये देशज सामग्री पत्थर, काष्ठ, मिट्टी, ईंट आदि का अधिकतम उपयोग करते हुये पर्यावरण अनुकूल निर्मितियाँ की जायेंगी। मांधाता पर्वत को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु केवल सीएनजी एवं इलेक्ट्रानिक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जायेगी। प्रकल्प में विभिन्न स्थानों पर 03 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाये जायेंगे। सौर एवं अन्य वैकल्पिक उर्जा तथा जैविक सामग्रियों का उपयोग करते हुये यह परियोजना शून्य अपशिष्ट आधारित होगी। इस परियोजना से रोजगार सृजन के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे।

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