महिलाये अपनी परिस्थिति की बजाय अपनी मनःस्थिति बदल लें तो समाज से जेंडर भेदभाव और पक्ष पात को समाप्त किया जा सकता है: मनीषा पाटिल

खंडवा। परिस्थितियों को बदलने की बजाय महिलाए अपनी मनः स्थिति को बदल लें तो वे दुनिया में आनंद का प्रसार कर सकती है। इसी से महिला और पुरुषों के बीच का भेदभाव और पक्षपात समाप्त किया जा सकता है।

यह बात आशा यूनियन द्वारा खेडापति हनुमान मंदिर के समीप आम्बेडकर कोचिंग संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 9 मार्च 2022 को आयोजित कार्यक्रम में राज्य आनंदसंस्थांन आनन्द विभाग मध्यप्रदेश शासन की मास्टर ट्रेनर एवम हम फाउंडेशन की अध्यक्ष मनीषा पाटिल ने बातोर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही।

इस अवसर पर आशा यूनियन कि जिलाध्यक्ष रजनी चक्रवेदी ने स्वागत उद्बोधन दिया हमें अपने बच्चों से मित्रता का व्यवहार करना चाहिए, हमें अपने बुजुर्गो का सम्मान करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी भी आपसे ऐसा ही व्यवहार करें महिलाएं आत्मनिर्भर बनें एवं बच्चों को गलत दिशा में जाने से रोकने का प्रयास करने की बात कही।इसके पूर्व अतिथियों ने बाबा सहब एवम सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण किया।

नेहा यादव ने सेल्फ़ डिफेंस की जानकारी दी।उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी यह प्रशिक्षण आयोजित करने की सलाह दी।

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अम्बेडकर कोचिंग के प्रभु मसानी ने आशाओ से अपने बच्चों को फ्री कोचिंग के लिये भेजने की बात कही।उन्होंने कहा आशा स्वास्थ्य विभाग की नींव है। उन्हें चिन्ता नही करना चाहिए समय के साथ उन्हें उनके अधिकार मिलकर रहेंगे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर गणेश कानडे ने महिलाओं को कानूनी हक अधिकार बताए एवं घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीडन,दहेज प्रताड़ना, आदि की महत्त्वपूर्ण जानकारी दी।नारायण फरकले ने विधिक सेवा प्राधिकरण की सलाह सहायता योजनाओं की जानकारी एवं लड़कियों को शिक्षा पर विशेष जोर देने की बात कही।

नर्मदा बचाओ आन्दोलन की रंजना पाठक ने अधिकारों के लिए महिलाओ को एकजुटता के साथ आगे आने का आव्हान किया। अनिता विश्वकर्मा ने कहा कि महिला अपने को कमजोर नहीं समझें, दुनिया का ऐसा कोई भी काम नहीं जो महिलाएं नहीं कर सकती है।

स्वास्थ टीबी कार्यक्रम की प्रमिला पंवार , रविन्द्र केवल,निष्ठा स्वास्थ्य वाणी के अमरजीत,चिंता कलम, उर्मिला निर्मल,प्रियंका हिरवे,आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर सभी ने समाज में सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने की शपथ ली।कार्यक्रम में 75 महिला आशा कार्यकर्ता उपस्थित थी।संचालन गणेश कानडे ने किया और आभार अनिता विश्वकर्मा ने माना।

खंडवा से सुनील मंडलोई की रिपोर्ट ♦️

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