ओंकारेश्वर बांध के 12 गेटों से करीब 5400 क्यूमेक्स छोड़ा जा रहा पानी, नर्मदा के निचले क्षेत्रों में अलर्ट

ओंकारेश्वर बांध के जलसंग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही बारिश से बांधों का जल स्तर बढ़ने लगा है। जल स्तर को सामान्य रखने के लिए बांध के गेटों को खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ओंकारेश्वर बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश एवं इंदिरा सागर परियोजना द्वारा गत बुधवार रात्रि 10 बजे 12 गेटों से 1440 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।

जिसे बढ़ाकर गुरूवार को प्रातः 9 बजे 2880 क्यूमेक्स पानी निष्कासित किया जा रहा हैं। लगातार बारिश होने के कारण गुरूवार फिर प्रातः 10 बजे ओंकारेश्वर बांध के 12 गेट खोले गए। जिससे बांध के डाउनस्ट्रीम में करीब 3500 क्यूमेक्स पानी प्रवाहित होगा। यह पानी जावक पॉवर हाउस से निकलने वाले पानी की जावक के अतिरिक्त होगी।

इस तरह पॉवर हॉउस की 8 मशीनें चलने तथा बांध के 12 गेट खोलने से डाउनस्ट्रीम में करीब 5400 क्यूमेक्स पानी की जावक होगी। गेटो से पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी के निचले क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ने से बांध प्रबंधन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

मिट्टी से बना बांध फूटा,धामनोद मार्ग के कोठड़ा का मामला

मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है,जिससे कई क्षेत्रों में जल जमाव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो रही है।मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद मार्ग पर निचले ग्राम कोठड़ा में मिट्टी का बांध लीकेज होने के बाद एक हिस्सा गिर चुका है।

जल संसाधन विभाग द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई।इस बांध बनाने में ठेकेदार की लापरवाही बताई जा रही है। क्षेत्र में ज्यादा बारिश की वजह से बांध मैं दरार के बाद एक हिस्सा गिर चुका है जिसके साथ ही प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है प्रशासन ने इसके बाद 15 गांव खाली करने के आदेश दिये है । लोगों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

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