खरगोन:कलेक्टर भवन स्थित पार्क में स्थापित की सूर्यनमस्कार की 12 प्रतिमाएं

खरगोन। नवीन कलेक्टर परिसर के गार्डन में सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राएं प्रस्तुत करती हुई प्रतिमाएं स्थापित की गई है। ये प्रतिमाएं जहां सौंदर्य बढ़ा रही है वही राहगीरों को सूर्य नमस्कार के प्रति सजग भी करेगी।

खरगोन शहर में यह प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जहां तक सूर्य नमस्कार को बात है तो यह हमारे शरीर के लचीलापन और स्वास्थ्य के प्रति अतिउत्तम बताई जाती है। सूर्य नमस्कार करने से मांसपेशियों और जोड़ो को मजबूती प्राप्त होती है। सूर्य नमस्कार के कई फायदे हैं। इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है और नर्वस सिस्टम शांत होता है। साथ ही वजन घटाने में भी मदद करता है।

सनावद में अवैध मदिरा विक्रेताओं पर कार्यवाही 05 को किया गिरफ्तार

अवैध मदिरा के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के आदेश तथा सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के निर्देशानुसार वृत सनावद के आबकारी दल द्वारा गत दिवस सहायक ज़िला आबकारी अधिकारी पवन टिकेकर के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा विक्रेताओं के विरुद्ध दबिशी कार्यवाही की गई थी।

कार्यवाही में वृत प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक अजय पाल सिंह भदौरिया द्वारा म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा के तहत 06 प्रकरण दर्ज कर 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान नगर में संचालित होटल एवं ढाबों की भी सघन तलाशी ली गयी।

कार्यवाही में अलग अलग स्थानों से 25 पाव देशी मदिरा एवं 55 लीटर हाथभट्टी मदिरा जब्त की गइ। वहीं लगभग 400 किलोग्राम महुआ लहान जप्त मौके पर नष्ट किया गया। मदिरा का बाज़ार मूल्य लगभग 27,000 रुपये है।कार्यवाही में आबकारी मुख्य आरक्षक धनसिंह कुबरे एवं आबकारी आरक्षक प्रजोत चौधरी का सराहनीय योगदान रहा।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों को अपने साथ बोट में बैठा कर सुरक्षित निकाला, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किया दौरा

मुख्यमंत्री द्वारा संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय प्रांगण में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद बाढ़ से सर्वाधिक ग्रस्त ग्राम स्यावदा के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने ग्राम स्यावदा के पहुँच मार्ग को बोट से पार किया। गौरतलब है कि पाराशरी नदी और बेतवा नदी के मुहाने पर स्थित ग्राम स्यावदा के लगभग 270 नागरिक अचानक नदी में बढ़े जल-स्तर के कारण चारो ओर से घिर गए थे। प्रशासन को इसकी सूचना प्राप्त होते ही अविलम्ब बाढ़ में फँसे नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए।मुख्यमंत्री चौहान ने ग्राम स्यावदा में बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त भी किया कि अब उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी नुकसान हुआ है, सर्वे कर शीघ्र ही सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे नागरिकों, जिन्हें स्वास्थ्य उपचार की आवश्यकता है, का शासन स्तर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार के प्रबंध किए जाएंगे।मुख्यमंत्री चौहान स्वयं नन्हीं बालिकाओं के साथ वयोवृद्धजन को बोट में बैठा कर सुरक्षित लेकर आए। मोटर बोट में मुख्यमंत्री चौहान ने मिट्ठू रैकवार की छोटी बालिका तनु को गोद में बैठाया और रास्ते में बच्ची से संवाद कर नाम पूछा और खाना खाया कि नहीं आदि जानकारी ली। बच्ची के हाजिर जवाब को सुनकर मुख्यमंत्री श्री चौहान के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।मुख्यमंत्री ने मोटर बोट में साथ बैठे ग्राम स्यावदा के बाढ़ पीड़ित बालाराम, शकुनबाई और शर्मिला केवट से भी संवाद किया।

गौरतलब है कि तनु केवट और शर्मिला केवट दोनों बहनें हैं, जो मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त रूप से गोद में बैठकर आई थी। जब बोट पाराशरी नदी के किनारे पहुँची तब मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से सबसे पहले तनु को एनडीआरएफ के दल को सौंपा। सड़क मार्ग पर पैदल चल कर उन्होंने सड़क किनारे मिले लोगों से संवाद किया, बाढ़ पीड़ितों की समस्याएँ सुनी और उनके निदान के आवश्यक निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री चौहान को नर्मदापुरम के संभायुक्त और भोपाल संभाग के प्रभारी कमिश्नर मालसिंह भयड़िया ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों और राहत कार्यों की जानकारी दी। विदिशा कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने जिले में बाढ़ से प्रभावित गाँवों एवं अन्य क्षेत्रों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सेना के हेलीकॉप्टर के बारे में भी जानकारी से प्राप्त की।मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान गंजबासौदा विधायक श्रीमती लीना जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शशि यादव, पूर्व विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री देवेन्द्र वर्मा, डॉ. राकेश जादौन, श्री देवेन्द्र यादव सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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