नमकीन से जुड़े कारोबार पर 6 विभागों की संयुक्त कार्यवाही

प्रारम्भिक जांच में करीब 3 लाख 13 हजार रुपये की सामग्री जब्त ,आवासीय परिसर में अवैध कारोबार पर फैक्ट्री और गोडाऊन सील

खरगोन। नगर पालिका की बगैर अनुमति के कारोबार किया जा रहा था खरगोन शहर में शुक्रवार को 6 विभागों ने मिलकर नमकीन के अवैध कारोबार पर की है। यह कार्यवाही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में सुबह 11 बजे से प्रारम्भ कार्यवाही देर शाम समाचार बनाते समय भी जारी रही। खरगोन एसडीएम ओमनारायण सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यवाही खरगोन शहर के सम्राट नमकीन सेंटर प्रारम्भ होकर ( सम्राट सेव् भंडार ) गोडाउन और फिर फैक्टरी तक पहुँची है। यह कार्यवाही सामान्य रूप से प्रारम्भ हुई थी।

लेकिन जैसे-जैसे कार्यवाही होती गई। विस्तार बढ़ता गया है। इस कार्यवाही में खाद्य सुरक्षा से सम्बंधित विभिन्न सामग्रियों के 9 सेम्पल लिए गए है। इसके अलावा श्रम विभाग के अलावा नगर पालिका, राजस्व, नापतौल और प्रदूषण विभाग ने संयुक्त रूप से कार्यवाही की है। इस मामले में सभी विभागों से सम्बंधित दस्तावेज मांगे गए मगर संचालक जगदीश प्रसाद सैनी पिता कालुराम सैनी द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जा सके।

गोडाउन और फेक्ट्री में बेतरतीब गंदगी पाई गई। जिसमें खाद्य सामग्रियों का निर्माण किया जा रहा था।विभागों ने मिलकर ये की कार्यवाही एसडीएम सिंह ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में 3 लाख 13000 रुपये के नमकीन और अन्य सामग्री जब्त की गई है। खाद्य औषधि विभाग ने 9 सेम्पल लिए है। इसके अलावा यहां पर पाए गए किसी भी टोल कांटे को विधिवत रूप से प्रमाणित नहीं कराया गया है। तौल कांटे असत्यापित पाए गए।

इसके साथ ही प्राप्त सामग्री के पैक से एमआरपी, अवसान तिथि (एक्सपायरी डेट), कस्टमर केयर आदि प्रिंट नहीं पाए गए। साथ ही प्रिंटेड विषयवस्तु के साथ छेड़छाड़ करना भी पाया गया है। श्रम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली कोई भी दस्तावेज नहीं पाए गए। श्रम विभाग द्वारा विभिन्न धाराओं में प्रकरण बनाया गया है। एफआईआर भी दर्ज की जाएगी

कार्यवाही के दौरान ही एसडीएम श्री सिंह ने बताया कि अभी कार्यवाही जारी है। गोडाउन से 70 किलो प्रतिबंधित पॉलीथिन भी पायी गई है। जिसमें नगर पालिका द्वारा प्रकरण बनाया गया है। सीएमओ प्रियंका पटेल ने बताया कि नगर पालिका से इस कारोबार के लिए किसी प्रकार की अनुमति नही ली गई थी। इस दौरान पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड की एनओसी भी मांगी गई लेकिन प्रस्तुत नहीं कर पाए। इस सम्वन्ध में डायवर्सन के दस्तावेज भी नहीं पाए गए। आवसीय परिसर में व्यावसाय की अनुमति नहीं होने और नगर पालिका से भी व्यावसाय की अनुमति नहीं ली गई। गोडाउन और फैक्टरी दोनों सील कर दी गई है।

संदेहास्पद सामग्री भारी मात्रा में

खाद्य सामग्री के लिए घातक कार्यवाही के दौरान परिसर से ऐसी ब्लैक जो किसी राख के समान संदेहास्पद( सस्पेक्टेड) सामग्री भी पायी गई है। अगर इसका खाद्य सामग्री में उपयोग किया जाता गया तो स्वास्थ्य के लिए बड़ा घातक हो सकता है। इसके अलावा एसेंस, मिलावटी सामग्री, अनब्रांडेड व अनप्रिन्टेड बोरियो में भारी मात्रा में सामग्री पायी गई है। यहां से आटा बेसन, आमचूर, गंदा पॉम तेल और लिक्विड फॉम में हींग भी पाया गया है। कार्यवाही के दौरान एएसपी श्री मनीष खत्री, तहसीलदार, नापतौल अधिकारी श्री चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री आरआर सोलंकी, एचएल अवास्या और नगर पालिका का दल भी शामिल रहा।

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