“हर चुनौतियों से सामना करने का साहस ही आत्मविश्वास है ।”

सेंधवा। “प्रत्येक विद्यार्थी को धैर्यवान एवं आत्मविश्वासी होना चाहिए, जो भी कार्य उसे सौंप दिया जाए उसे एकाग्र चित्त होकर पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। जीवन में अनुभव सदैव देखने, महसूस करने एवं प्रयोग करने से ही प्राप्त होता है। आपका यही अनुभव आपके सर्वांगीण विकास में सहायक बनता है।

जीवन में व्यक्ति को मिलते हैं तीन माता-पिता

ये विचार गायत्री धाम के मुखिया पंडित मेवालाल पाटीदार ने आज शिक्षा प्रसारक समिति द्वारा संचालित नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी स्कूल के अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के बीच ‘जीवन विद्या’ संस्कार शिविर में व्यक्त करते हुए कहा कि- किसी भी व्यक्ति के 3 गुरु होते हैं प्रथम आचार्य माता-पिता दूसरे हमारे शिक्षक शिक्षिकाएं जो की माता-पिता तुल्य है क्योंकि वे हमारे मस्तिष्क में ज्ञान का बीज रोपते हैं, तीसरे ऋषिगण एवं संत, वे हमें जीवन जीने की कला सिखाते हुए “महाविद्या” देते हैं। उन्होंने कहा कि भोजन करते समय कभी भी टीवी व मोबाइल नहीं देखना चाहिए।

सात्विक भोजन विद्यार्थी जीवन का आधार

आचार्य श्री ने कहा कि विद्यार्थी को घर का बना हुआ सात्विक भोजन हीं करना चाहिए साथ ही बाजार के तले भुने तामसिक भोजन से बचना चाहिए क्योंकि कहा गया है जैसा खाओगे अन्न वैसा रहेगा मन। बाजार का तला भुना, तामसिक भोजन मन में क्रोध,गुस्सा, स्वास्थ्य खराब करता है और मन को विचलित करता है। मन को एकाग्र रखने के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी बाजार के रेडीमेड बने हुए भोजन से परहेज करें।

मोबाइल का ज्यादा प्रयोग उत्पन्न करता है मानसिक विकृतियां

मोबाइल का प्रयोग पढ़ाई के अलावा बिल्कुल नहीं करें। इससे मानसिक विकृतियां पैदा होती है जो हमारे जीवन को बर्बाद कर सकती है। संस्था अध्यक्ष बीएल जैन ने अपने स्वागत उद्बोधन के साथ पंडितजी का परिचय देते हुए कहा कि संस्कारित विद्यार्थी ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर सकता है, इसलिए संस्था समय-समय पर विद्यार्थियों के बीच विद्वान पुरुषों को बुलाकर उनमें संस्कारों का बीजारोपण कर उसे पुष्पित एवं पल्लवित करने का कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष दिलीप कानूनगो, सचिव शैलेषकुमार जोशी, सह-सचिव दीपक लालका, महेश सोनी, मनोज कानूनगो, गोपीकिशन अग्रवाल, के.सी. पालीवाल, हेमंत खेडे, राहुल मण्डलोई, दवेन्द्र कानूनगो मौजूद थे। आभार शैलेषकुमार जोशी ने माना।

हिमांशु मालाकार की रिपोर्ट

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