एशिया में प्रसिद्ध खरगोन ( बेड़िया ) की मिर्च के उत्पादन में बिजली का अहम योगदान

प्रधानमंत्री मोदी मिर्च के लघु उद्योग चलाने वाले दीपांशु से करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस से चर्चा,एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी भी खरगोन जिले के बेड़िया ग्राम में लगती है। जहां देश विदेश के लिए मिर्च खरीदी जाती है।

इंदौर संभाग का खरगोन जिला…. सुर्ख लाल व तीखे मिर्च के लिए एशिया में जाना जाता है। एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी भी खरगोन जिले के बेड़िया ग्राम में लगती है। जहां देश विदेश के लिए मिर्च खरीदी जाती है। मिर्च संबंधी कामकाज यहां वर्षभर चलता ही रहता है।

शनिवार 30 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं से लाभान्वितों से चर्चा करेंगे, जिसमें खरगोन जिले के बेड़िया गांव के युवा उद्यमी मिर्च मसाला लघु उद्योग चलाने वाले दीपांशु पटेल भी शामिल है। खरगोन जिले की प्रत्येक तहसील में मिर्च का उत्पादन होता है। मिर्च के पौधे की देखभाल, कीटों से बचाव, खाद, पानी देने के लिए समय पर बिजली की जरूरत होती है। खरगोन जिले में किसानों को राज्य शासन के मुताबिक प्रतिदिन दस घंटे बिजली दी जा रही है।

मिर्ची मंडी

नौ से दस माह की मिर्च की फसल के लिए लगभग 50 बार सिंचाई करना होती है। इससे अन्य फसलों के साथ ही खरगोन की ख्याति प्राप्त एवं किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाली मिर्च की फसल भी प्रमुखता से शामिल है। इस क्षेत्र की खड़ी लाल सुर्ख मिर्च 50 से लेकर 175 रूपए किलो तक बिकती है। बेड़िया में रहने वाले युवा उद्यमी दीपांशु पटेल ने बताया कि हम अच्छी क्वालिटी की मिर्च को पहले पसंद करते है। इसके बाद खरीदते है। सफाई के उपरांत मिर्च की पिसाई की जाती है। इसके बाद इसे पैक की जाती है। दीपांशु बताते हैं कि फीडर सेपरेशन के बाद गांव में बिजली पर्याप्त वोल्टेज के साथ ही 24 घंटे मिलने से हमें उद्योग चलाने में आसानी होती है। आमदनी भी संतोषजनक हो रही है।

कृषि, लघु उद्योग क्षेत्र में मदद

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर का कहना हैं कि उपभोक्ताओं को केंद्र व राज्य शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। कृषि, लघु उद्योग के क्षेत्र में भी बिजली कंपनियां लाभान्वित कर रही है। उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य आयोजन में आजादी के अमृत महोत्सव के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र के महत्व और उपलब्धियों की जानकारी भी दी जा रही है।

सभी तरह के उपभोक्ताओं का ख्याल

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि उच्चदाब, किसान, गैर घरेलू, घरेलू सभी तरह के उपभोक्ताओं को शासन की सभी योजनाओं का पात्रता के मुताबिक लाभ दिया जा रहा है। गृह ज्योति योजना से लगभग 95 फीसदी ग्रामीण उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे है। वहीं शासन की किसान हितैषी योजनाओं से भी मालवा- निमाड़ के 13 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को आर्थिक मदद प्राप्त हो रही है।

फीडर सेपरेशन से 1211 गांव लाभान्वित

खरगोन जिले के अधीक्षण यंत्री डीके गाठे ने बताया कि ग्रामों की बिजली, खेती की लाइन से अलग करने के लिए केंद्र की फीडर सेपरेशन योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया था। इससे सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली वितरण व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव आया है। फीडर सेपरेशन में खरगोन जिले के 1211 गांवों लाभ दिया गया। 114 करोड़ रूपए खर्च हुए है। योजना के तहत जिले में 1188 किमी नई 11 केवी लाइन स्थापित की गई।

बालिकाओं ने मानव श्रृंखला के माध्यम से अंकुर अभियान व पेड़ लगाओ का संदेश दिया

बड़वानी। मुख्यमंत्री के अंकुर अभियान के संयोजन तथा कलेक्टर के कुशल नेतृत्व से जिले में पर्यावरण के लिए लिखी जा रही नई इबारत,कन्या शिक्षा परिसर नरावला में बालिकाओं ने मानव श्रृंखला के माध्यम से अंकुर अभियान व पेड़ लगाओ का संदेश दिया।

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