अवैध रेत उत्खननकर्ता गच्चा खा गए, खनिज अमले ने ही कर दी कार्यवाही,खनिज अधिकारी ने इंदौर में बैठ बनाई योजना, खरगोन में हुआ अमल

अवैध उत्खनकर्ताओ की मुखबिरी काम नहीं आयी और वे गच्चा खाकर पकड़ में आ गए। शुक्रवार को खनिज अधिकारी को इंदौर या बाहर जाते देख। खनिज खनन करने वाले कुछ देर के लिए भले ही खुशी मना ली लेकिन कुछ देर बाद उनकी खुशी दुःख में बदल गई। हुआ यूं कि शुक्रवार को खनिज अधिकारी को इंदौर जाता देख। शहर के नजदीक ही माँगरुल खुर्द के पास भाड़ली में ही रेत खनन की योजना बना ली। सुबह-सुबह करीब 8 बजे ही शिकायतकर्ता ने कुन्दा नदी में उत्खनन की जानकारी अधिकारी सावान चौहान को दी। खनिज अधिकारी ने इंदौर में बैठे-बैठे ही योजना बनाई। इस योजना में राजस्व विभाग और अपने अमले को तैयार किया कि कार्यवाही करने में वक्त आ गया।

इसी के मुताबिक मोटरसाइकिल से शागिर्दों को भेजा और दूसरी तरफ एसडीएम साहब को अपनी योजना बताकर राजस्व विभाग की टीम को तैयार कर दिया। इसके अलावा खनिज निरीक्षक रीना पाठक को भी मौका संभालने की हिदायत दे दी। एक तरफ से खनिज अमला मौके पर पहुँचा तो अफरा-तफरी होने लगी। अमले ने देर नहीं की ओर मोबाइल पर खबर देकर 2 जेसीबी को लेकर भागने लगे लेकिन रोक लिया गया। तत्काल राजस्व और खनिज निरीक्षक भी जल्द ही पहुँच गई। फिर वहीं जप्ती की कार्यवाही की गई। पकड़ में आयी दो जेसीबी को कोतवाली में खड़ा किया गया। इस कार्यवाही में होमगार्ड का जवान सहित विभाग का निजी ड्रायवर नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह दांगी ने बड़ी भूमिका निभाई।

खनिज अधिकारी की मुखबिरी करते है खननकर्ता

कार्यवाही के पीछे के पहलू के बारे में बताते हुए खनिज अधिकारी सावन चौहान ने बताया कि उत्खननकर्ताओ द्वारा उनके घर और ऑफिस में मुखबिरी की जाती है। जब भी वो कही बाहर निकलते है, उत्खननकर्ता सक्रिय हो जाते है। ऐसी स्थिति में कार्यवाही करना मुश्किल होता है। लेकिन सही समय पर विश्वास पात्र साथियों के साथ योजना बनाकर कामयाबी मिलती है। साथ ही अन्य विभाग द्वारा पूरा सहयोग मिलने के साथ ही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के निर्देशों पर कार्यवाही पूरी तन्मयता और ईमानदारी से पूरा किया जा रहा है।

गोदाम और स्टॉक में अंतर पाए जाने पर, गैस एजेंसी पर कार्यवाही,250 गैस टंकियां की जप्त

कसरावद तहसील में एबी रोड़ स्थित निमरानी में सूर्या भारत गैस एजेंसी में स्टॉक रजिस्टर और गोदाम स्टॉक में अंतर पाए जाने पर कार्यवाही की गई है। द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस प्रदाय (वितरण और विनियमन ) आदेश 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत उल्लंघन पाया गया है।

कसरावद एसडीएम श्री संघप्रिय ने बताया कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री वीरेंद्र चौहान द्वारा 30 अप्रैल 22 को गैस एजेंसी की जांच के दौरान गड़बड़ी पायी थी। उस दौरान स्टॉक में अंतर पाए जाने पर 250 नग घरेलू गैस सिलेंडर जप्त किये गए थे। खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्री मनोहर ठाकुर ने बताया कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही का प्रकरण अपर कलेक्टर श्री जेएस बघेल के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। जप्ती के दौरान 6 लाख 9 हजार की कीमत के 250 सिलेंडर जप्त किये गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!