बाल मेले व विज्ञान, कॉमर्स मॉडल और चार्ट प्रदर्शनी का आयोजन

( नि. प्र.) – संस्कार वैली हा. सेकेंडरी स्कूल नान्द्रा में बच्चों ने बाल मेले में विंभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाये गए जिसमे आसपास के क्षेत्र से पधारे लगभग 1000 छात्रों व पालको ने मेले का आनंद लिया। साथ ही विज्ञान, कॉमर्स में रुचि रखने वाले बालको ने प्रवीण गौर, लोकेश वर्मा सर एवं सुनिल पटेल सर के मार्गदर्शन में विज्ञान, वाणिज्य प्रदर्शनी, मॉडल और चार्ट की प्रदर्शनी लगाई गई ।व्यंजन प्रतियोगिता में जूनियर विंग से प्रथम पुरस्कार क्लास 5 से पंखुड़ी राजेन्द्र पाटीदार तथा द्वितीय पुरस्कार क्लास 5 से ग्रेसी देवेन्द्र सोनोने, तृतीय पुरस्कार क्लास 3 से प्रियांशी धर्मेन्द्र और क्लास 3 से मानवी रोहित को दिया गया ।

मिडिल विंग से प्रथम पुरस्कार क्लास 7 से कशिश देवेन्द्र और क्लास 7 से प्रियांशी सुरेन्द्र, द्वितीय पुरस्कार क्लास 6 से शैलजा दीपक मंडलोई को दिया गया । तृतीय पुरस्कार क्लास 6 से प्रतिज्ञा विजय पाटीदार को दिया गया ।सीनियर विंग से प्रथम पुरस्कार क्लास 12 से श्याम मानसिंह, प्रतीक राजू, लोकेश कैलाश पाटीदार तथा द्वितीय पुरस्कार क्लास 11 से अवधेश राजेश पाटीदार एवं गणेश महेन्द्र को दिया गया ।तृतीय पुरस्कार क्लास 10 से पार्थ ओमप्रकाश एवम पियूष अशोक चौहान को दिया गया ।व्यंजन प्रतियोगिता में मुख्य निर्णायक की भूमिका में श्रीमति रेखा सतीश पाटीदार एवं श्रीमति उमा तोनगर रहे।

विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार

अंशिता विष्णु 8वी को तथा द्वितीय पुरस्कार जिगर भागीरथ पाटीदार को दिया गया।विज्ञान और वाणिज्य प्रदर्शनी एवं चार्ट प्रदर्शनी में मुख्य निर्णायक की भूमिका में श्री लखन पाटीदार, श्री प्रकाश पाटीदार, श्री अर्जुन चोयल एवं संजय पटेल रहे ।कार्यक्रम की शुरुआत विशेष अतिथि श्री भगवान पाटीदार जी तथा मुख्य अतिथि श्री जगदीश जी मालक ने सरस्वती पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ की ।

कार्यक्रम का संचालन लोकेश वर्मा व कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री चन्द्रसेन तोनगर जी ने किया साथ ही आभार प्रवीण गौड़ सर ने माना। संस्थापक श्री नितिन जी पाटीदार , श्री यतीश जी पाटीदार , हरिओम पाटीदार ने बच्चो के इस प्रयास को सराहा । इस अवसर पर समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे ।

हिमांशु मालाकार की रिपोर्ट

लक्ष्य निर्धारित करो और तब तक लगे रहो, जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता है– टी आई विनय आर्य

परीक्षा पद्धति क्या होती है? परीक्षा के स्तर क्या क्या होते हैं कंपटीशन का स्तर क्या होता है स्टडी कैसे करने करना चाहिए आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि हमें समय रहते हुए पहले से सचेत होकर कंपीटीशन एग्जाम से की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ,यह नहीं होना चाहिए कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार वैकेंसी जारी करें उसका इंतजार नहीं करना चाहिए यह हमारा कर्तव्य होना चाहिए की हमारे 24 घंटे के समय का अधिक से अधिक सदुपयोग कैसे करें? इसका शेड्यूल हमें निर्धारित करना चाहिए और यदि कंपटीशन एग्जाम लक्ष्य सोच समझकर बनाना चाहिए ,यदि आप लोग उस पर अमल करते हैं तो सौ-फीसदी लक्ष्य प्राप्ति की संभावना बन जाती है ,हमें धैर्य के साथ लगे रहना चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए की हम कंपटीशन एग्जाम से की तैयारी करते करते बीच में छोड़ देते ,यहां पर दृढ़ निश्चय जरूरी है यहां पर आप लोगों को किसी भी एग्जाम के विगत 10 वर्षों के सोल्ड पेपर ध्यान से देखना चाहिए आप लोगों को स्वयं पता चल जाएगा की हमें किस स्तर की तैयारी की आवश्यकता है चल रही है आप लोगों को कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स की स्टडी को हॉबी के रूप में लेना चाहिए तभी स्टडी सही दिशा में अग्रसर हो सकेगी हमें सफल होने के लिए शॉर्टकट रास्ता नहीं अपनाना चाहिए और एग्जाम की तैयारी डीप में स्टडी करनी चाहिए।

आप लोग निश्चित रूप से एक दो वर्षों में अपना स्वयं आकलन कर सकेंगे की हमारी स्टडी की दिशा में कितनी प्रगति हो रही है ,हो सके तो आप लोग पांच छः विद्यार्थियों का ग्रुप बनाकर स्टडी करें ,स्टडी करते समय अपना ज्ञान और किताबें दूसरे को साझा करने में कंजूसी ना करें क्योंकि पुरानी कहावत है की विद्या बांटने से बढ़ती है, आप लोग हमेशा अच्छे प्रकाशन , लेखक एवं करंट अफेयर्स की मैगजींस की स्टडी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया से भी न्यूज़ के रूप में अपना ज्ञान वर्धन कर सकते हैं। आप लोगों को उस धूमकेतु की तरह बनना चाहिए जो अंतरिक्ष से करोड़ों तारों के बीच से भी टूट कर धरती पर आ जाता है उसी तरह आप भी अपनी तैयारी करके अपने क्षेत्र व जिले में नंबर वन आकर अपना नाम व परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं और आप लोगों को करना भी चाहिए। स्टडी के लिए कोई अलग से शुभ मुहूर्त या समय का ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहिए आप लोगों को धीरे-धीरे आपकी स्टडी के अनुसार एहसास होने लग जाएगा की मैं स्वयं इस एग्जाम को फाइट कर सकता हूं एक दिन ऐसी स्थिति में आ जाएंगे की कॉन्पिटिटिव एग्जाम से देने के बाद आप खुद अपने रिजल्ट का विश्लेषण करते हुए अंको का निर्धारण कर सकते हैं ऐसा अनुभव आपको स्टडी के इस रास्ते से ही मिलेगा।

आप लोगों को स्टडी को बोझ के रूप में कभी भी नहीं समझना चाहिए और अपने उत्साह और रुचि को बनाए रखना चाहिए ,हमें यहां पर यह कतई नहीं सोचना चाहिए की हमारा बीता हुआ कल कैसा था या हम पढ़ने में कैसे थे जो भी है उसे अब नए सिरे से शुरू करना चाहिए क्योंकि कंपीटीशन एग्जाम्स में यह नहीं पूछा जाता है की आपके प्रतिशत कितने थे यह पूछा जाता है की आपकी आज की ज्ञानवर्धक स्थिति क्या है उसी आधार पर आप का रिजल्ट प्रत्यक्ष रूप से दृष्टिगत होगा ।

विनय आर्य ने यातायात प्रबंधन एवं नशा मुक्ति कार्यक्रम पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज आजकल सब कुछ जानते हुए भी अधिकांश व्यक्ति अनजान बना हुआ रहता है इसलिए कभी-कभी चालन के रूप में पुलिस को शक्ति दिखानी दिखानी पड़ती है जिससे व्यक्तियों की जनहानि एवं आर्थिक हानि से बच जाते हैं, हम लोगों ने यातायात प्रबंधन को जब से कठोरता से यातायात प्रबंधन एवं जागरूकता से प्रचार प्रसार किया तब से ऐसी घटनाओं में 25% की कमी देखी गई है और इससे हम तब तक जारी रखेंगे जब तक हमें 90 प्लस रिजल्ट नहीं मिल जाता है , जब हमारे जागरूकता की वजह से किसी की जान बचती है तो उनके परिवार के साथ साथ हमारे पुलिस डिपार्टमेंट को भी बहुत खुशी होती है।

युवा सेल सांसद प्रतिनिधि भाई नंदकिशोर शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा शक्ति एक ऐसी शक्ति है जो तूफान को भी मोड़ सकती है और बुलंदियों को आसानी से छू सकती है ‌युवाओं को किसी भी कार्य में पीछे नहीं रहना चाहिए ,युवाओं में जो ऊर्जा है वह यदि सही लक्ष्य व दिशा के साथ उपयोग की जाए तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता है इस अवसर पर युवा सेल सदस्य अंकिता पवार ने दृढ़ निश्चय पर जोर देते हुए कहा कि हमें हमें अपने लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त करने का पूरा प्रयत्न करना चाहिए, मैं स्वयं भी सिविल सर्विसेज एग्जाम से की तैयारी कर रही हूं और आशा करती हूं की आप लोग भी कॉन्पिटिटिव एक्जाम सकी तैयारी शुरू करें।

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