संत सिंगाजी समाधि स्थल पर तीन दिवसीय निमाड़ उत्सव समारोह का हुआ शुभारंभ

राष्ट्रीय तुलसी सम्मान गायिका सुश्री संजो बघेल एवं गायक श्री कालू राम बामनिया को किया प्रदान

खंडवा। इस वर्ष निमाड़ उत्सव समारोह संत सिंगाजी समाधि स्थल जिला खंडवा में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 8 से 10 नवंबर तक जिला प्रशासन खंडवा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। समारोह का शुभारंभ 8 नवंबर को माँ नर्मदा की सांगितिक आरती एवं दीपप्रज्वलन कर किया।

इस दौरान मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह पुलिस, अधीक्षक श्री विवेक सिंह, उप संचालक संस्कृति श्रीमती वंदना पांडे , जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नंदा भलावे कुशरे सहित सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद थे।
समारोह में संबोधित करते हुए जनजाति लोक कला एवं लोक विकास अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिवर्ष महेश्वर जिला खरगोन में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित पारंपरिक कलाओं का समारोह निमाड़ उत्सव इस वर्ष से निमाड़ अंचल के नर्मदा किनारे के तटों/कस्बों में आयोजित किये जाने की श्रृंखला का आरंभ किया गया है।
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा इस अवसर पर राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान जबलपुर की ख्यात भक्ति गायिका सुश्री संजो बघेल को एवं राष्ट्रीय तुलसी सम्मान देवास के ख्यात निर्गुणी गायक श्री कालू राम बामनिया को प्रदान किया गया। साथ ही इन दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति भी दी।


उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन ने जनजाति लोक और पारम्परिक कलाओं में उत्कृष्टता और श्रेष्ठ उपलब्धि को सम्मानित करने और इन में राष्ट्रीय मानदण्ड विकसित करने की दृष्टि से तुलसी सम्मान के नाम से दो लाख रुपये का एक वार्षिक पुरस्कार स्थापित किया है। यह सम्मान तीन वर्ष में दो बार प्रदर्शनकारी कलाओं और एक बार रूपंकर कलाओं के क्षेत्र में दिया जाता है। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित राष्ट्रीय तुलसी सम्मान वर्ष 2021 सुप्रतिष्ठित कबीर एवं मालवी गायक श्री कालूराम बामनिया को प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि समारोह के दूसरे दिन 9 नबंवर,2022 को संत सिंगाजी के निर्गुण पदों का गायन, गणगौर नृत्य, गोण्ड जनजाति का ठाठ्या नृत्य, उड़ीसा का गोटीपुआ नृत्य तथा नर्मदा महिमा केंद्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। समारोह के समापन दिवस 10 नवंबर,2022 को गणगौर नृत्य, मां शिप्रा नदी की महिमा केंद्रित नृत्य नाटिका के साथ ही जनपदीय काव्य पाठ का आयोजन होगा। जिसमें निमाड़ी बोली के लगभग 10 कवि हिस्सेदारी करेंगे।

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