खरगोन साम्प्रदायिक दंगे में मुख्य भूमिका निभाने वाले को पुलिस की विशेष टीम ने किया गिरफ्तार

कलेक्टर कुमार ने लगाई रासुका,पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया कि समीर उल्ला पर पुलिस द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिले की सीमा खलटाका-बालसमुंद से पुलिस की विशेष टीम द्वारा रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया

खरगोन शहर में 10 अप्रैल रामनवमी पर हुए साम्प्रदायिक दंगे में मुख्य भूमिका निभाने वाला आरोपी समीर उल्ला पिता नसरुल्ला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तारी के बाद कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही की है।

पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया कि समीर उल्ला पर पुलिस द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिले की सीमा खलटाका-बालसमुंद से पुलिस की विशेष टीम द्वारा रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। समीर उल्ला पिता नसरुल्ला की आपराधिक पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस अधीक्षक सिंह ने कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें बताया गया है कि खरगोन के मोहन टॉकीज क्षेत्र के कुम्हारवाड़ा का निवासी अपने साथियों को संगमत होकर वर्ष 2016 से आपराधिक घटनाएं कर आम जनों को जान व माल को नुकसान पहुँचा रहा है। अपराधी अपने साथियों के साथ हर समय साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के लिए तत्पर रहता है।

अपराधी ने 09 संज्ञेय और 2 असंज्ञेय आपराधिक वारदातों को दिया अंजाम

पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया है कि अनावेदक द्वारा गत वर्षों में 9 संज्ञेय और 2 असंज्ञेय आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसका सबसे ज्वलंत उदारहण 10 अप्रैल 22 को रामनवमी के जुलूस के दौरान उपजे साम्प्रदायिक विवाद में मुख्य भूमिका रही है। समीर उल्ला ने इस दौरान विशेष वर्ग के लोगों को एकत्रित कर आम निर्दाेष लोगों के ऊपर पत्थर बरसाए जिससे शहर में तनाव का माहौल बना। साथ आमजनों की संपत्ति को नुकसान पहुचाकर आगजनी की गई।खरगोन पुलिस थाने में गुंडा लिस्ट में शामिल।

समीर उल्ला खरगोन पुलिस थाने में गुंडा लिस्ट में भी शामिल है। इसके विरुद्ध समुचित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। समीर को 13 अक्टूबर 21 को जिला बदर किया गया था। इसके बावजूद भी आपराधिक गतिविधियों पर कोई सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा कई सारे प्रकरण इन पर दर्ज है। कलेक्टर श्री कुमार ने एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1970 की धारा के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए समीर उल्ला को तीन माह के लिए जेल इंदौर में रखने के निरोध आदेश जारी किए है।

कलेक्टर कुमार ने दो लफ्जो में तहसीलदार का झूठ पकड़ा

योजना में होने वाली प्रक्रिया के बारे में पूछ लिया। तहसीलदार प्रक्रिया नहीं बता पाए। कलेक्टर कुमार ने कहा कि बेसिक्स पता नहीं तो आगे कार्यवाही कैसे होगी ?

खरगोन। राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर कुमार ने बैठक में मुख्यमंत्री आवासीय भूअधिकार योजना की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सनावद तहसीलदार द्वारा 96 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका था। सनावद तहसील में 2575 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें 2488 पूर्ण कर लिए गए हैं। जबकि उनसे बचे 4 प्रतिशत की जानकारी चाही गई तो 700 से 800 प्रकरण लंबित बता दिए।

कलेक्टर कुमार ने इस जवाब पर झूठ पकड़ते हुए। इस योजना में होने वाली प्रक्रिया के बारे में पूछ लिया। तहसीलदार प्रक्रिया नहीं बता पाए। कलेक्टर कुमार ने कहा कि बेसिक्स पता नहीं तो आगे कार्यवाही कैसे होगी ? सनावद तहसीलदार शिवराम कनासे सहित अन्य तहसीलदारो से योजना की प्रक्रिया के बारे में पूछा गया।जिले में अब तक निर्वाचन जैसे कुछ आवश्यक कार्य संपादित किये जा रहे थे। इस कारण टाइम लिमिट और वास्तविक रूप से नागरिकों को सुविधाएं देने वाले कार्याें पर असल मायने में समीक्षा नहीं हो पा रही थी। लेकिन राजस्व अधिकारियों का असल काम अब शुरू होगा।

यह बात कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने राजस्व अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए बैठक में कही। उन्होंने कहा कि अब किसी तरह से भी राजस्व अधिकारियों का लचर काम बर्दास्त नहीं होगा। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में एक रेगुलेटरी और नियंत्रण अधिकारी के तौर पर अपनी क्षमताएं दिखानी होगी। कलेक्टर कुमार ने जिला स्तर के राजस्व अधिकारी के साथ वीसी कक्ष में और अन्य अनुभागों के राजस्व अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़कर राजस्व की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बैठक के दौरान अपर कलेक्टर जेएस बघेल, डिप्टी कलेक्टर ओमनारायण बड़कुल सहित खनिज अधिकारी सावन चौहान और सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी भारत सिंह जमरे उपस्थित रहे।

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