शिष्य का विकास ही शिक्षक का धर्म होता है -डॉ प्रकाश सोलंकी

निवाली। शासकीय महाविद्यालय में शिक्षक पर्व पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय महाविद्यालय पानसेमल के प्राध्यापक डॉ प्रकाश सोलंकी ने विद्यार्थियों को उद्बोधन करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक का मुख्य कर्तव्य उनके शिष्यों का सर्वांगीण विकास ही होता है तभी अच्छे समाज के साथ साथ राष्ट्र निर्माण हो सकेगा।

हमें दूसरों को उत्प्रेरित करने से पहले वही बाते स्वयं पर लागू करना चाहिए तभी हमारे अनुयाई अमल करेंगे यही विकास का सच्चा रास्ता होना चाहिए , इससे पूर्व महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो अशोक चौहान ने मुख्य वक्ता का स्वागत उद्बोधन दिया।

आई क्यू ए सी प्रभारी डॉ के तावड़े सर ने गुरु शिष्य के अध्यापन अध्ययन आपसी तालमेल भी अच्छा होना चाहिए, प्रो चांदनी गोले ने शिक्षक पर्व कार्यशाला में आभार व्यक्त किया, कार्यक्रम का संचालन प्रो जी आर ने कार्यक्रम का संचालन किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ एवं अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

हिमांशु मालाकार की रिपोर्ट

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